सीखो कविता
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सूरज की किरणों से सीखो,
तुम सदा समय पर उठना।
चींटी से अब तुम सीखो,
मेहनत से आगे बढ़ना ।।
इधर-उधर मत फेंको कूड़ा,
कूड़ेदान में ही डालो कूड़ा ।
सदा समय पर पाठ पढ़ो,
दीन-दुखी की मदद करो ।।
कभी किसी से न करो लड़ाई,
मिल-जुलकर रहने में ही भलाई ।
अपने बड़ों को शीश झुकाओ,
कोयल जैसे मीठे बोल सुनाओ ।।
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